सुषुम्ना नाड़ी का अर्थ
[ susumenaa naadei ]
सुषुम्ना नाड़ी उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- हठयोग के अनुसार शरीर की तीन प्रमुख नाड़ियों में से एक जिसका स्थान वैद्यक में नाभि के मध्य माना जाता है:"सुषुम्ना को ब्रह्मरंध्र तक गई हुई मानी जाती है"
पर्याय: सुषुम्ना, कूर्म, कूर्म नाड़ी, महापथ, अग्नि
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- के मध्यस्थल में सुषुम्ना नाड़ी प्रवाहमान है-जिसके मध्य
- इसी के भीतर सुषुम्ना नाड़ी विद्यमान है ।
- सुषुम्ना नाड़ी के भीतर एक और त्रिवर्ग है।
- इनके दरम्यान सुषुम्ना नाड़ी है जो अधिक प्रकाशवान है .
- उदान वायु , उर्ध्व गति की, सुषुम्ना नाड़ी और है,
- संध्याकाल में सुषुम्ना नाड़ी खुली रहती है।
- मध्यस्था सुषुम्ना नाड़ी ब्रह्मस्वरूप है और उसी में जगत
- यह विकृति सुषुम्ना नाड़ी में भी हो सकती है।
- यह विकृति सुषुम्ना नाड़ी में भी हो सकती है।
- सुषुम्ना नाड़ी में मस्तिष्क , नाभिचक्र (कुंडलिनी), हृत्कमल और दशमद्वार